नेपाल में हुये तख्ता पलट एवं विद्रोह के बाद अब नेपाल में अन्तरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को बानाया गया है , सुप्रीम कोर्ट नेपाल की मुख्य न्यायाधीश के रूप में काम करने वाली सुशीला कार्की नें बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई की और Gen-Z का एक बड़ा पक्ष नें सुशीला कार्की के नाम पर सहमत दी , तख्ता पलट के बाद शुरूआती दिनो Gen-Z के एक समूह ने सुशीला कार्की के नाम का विरोध किया और उसके विपरीत Gen-Z के एक गुट नें कुलमन घीसिंग के नाम भी दिया लेकिन सारी अटकलों के बाद सुशीला कार्की के नाम पर अन्तिम मोहर लग गयी , इन सभी के बीच काठमांडू के मेयर बालेन शाह का नाम भी सामने आया , जिस पर बालेन शाह नें अपने आप को अन्तरिम सरकार में प्रधानमंत्री बनने से मना करते हुये कहा कि, वह चुनाव के बाद ही इसे स्वीकार करेंगे और उन्होने भी सुशीला कार्की के नाम का समर्थन किया।
नेपाल की अन्तरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की नें सत्ता सम्हालते हुये 15 घण्टे के बाद अस्पताल जाकर वहां पर घायलो का हाल जाना , मीडिया रिपोर्ट की माने तो लगभग 1500 लोगों इसमें घायल हुये है, फिर भी नेपाल में प्रदर्शन करने वाले बहुत से लोगो का ये मानना है कि किसी गैर सांसद को प्रधानमंत्री नियुक्त करने पर उनका विरोध है , इसपर नेपाल बार एशोसिएशन के द्वारा भी इसका विरोध और उन्होने कहा कि अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में सुशीला कार्की की नियुक्ति को असंवैधानिक बताया उन्होने इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करगे और सभी कानूनी विकल्पों का पता लगायेगें ।

नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उन्हे X की पोस्ट के माध्यम से शुभकामनाये देते हुये कहा कि नेपाल में शांति ,प्रगति एवं समृद्धि के लिये भारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध है ।
https://x.com/narendramodi/status/1966701403851944461?t=-RRs3_YW81pr6PLrszZreQ&s=08
Gen-Z की मांगें
Gen-Z ने 2 महीने में नया संविधान बनाने की मांग की है और उन्होने भ्रष्टाचार की जाँच के लिये मांग की है , उनकी मांगों में प्रधानमंत्री के लिये 2 कार्यकाल की मांग की गयी है और प्रान्तीय सरकारों को समाप्त करते हुये कहा कि नेपाल छोटा देश है इसलिये इस समाप्त किया जाना चाहियें , लोगों को सोशल मीडिया और अभिव्यक्ति की आजादी को सुनिश्चित करने की भी मांग के साथ हिन्दू राष्ट्र की मांग की है । सत्ता की गद्दी सम्हालने के बाद सुशीला कार्की नें दो आयोगो का भी गठन किया जिसमें उन्होने न्यायिक आयोग जो कि काठमांडू में हिंसा के दौरान प्रदर्शन की जाँच करेंगा और भ्रष्टाचार निवारण आयोग जो की भ्रष्टाचार के आरोपो की जाँच के लिये बनाया गया है , इसी के साथ ही उन्होने देश में 5 मार्च 2026 को चुनाव करवाने की बात कही ।
सुशीला कार्की नें पूर्व प्रधानमंत्री ओली पर 8 सितम्बर को पुलिस की बर्बरता के मामले में उनके ऊपर एफ.आई.आर दर्ज करते हुये कार्यवाही की । वहीं सुशीला कार्की के अन्तरिमं सरकार का प्रधानमंत्री बनने पर वहां की 8 पार्टियों नें संसद को भंग करने के लिये सत्र बुलाया और के.पी. शर्मा ओली की पार्टी नेशनल कम्यूनिष्ठ पार्टी नें सुशीला कार्की की नियक्ति को विड़बना बताते हुये पार्टी कार्यकर्ताओं और समथको से सड़कों पर उतर कर विरोध करने की अपील की ।
वहीं नेपाल कांग्रेस के द्वारा भी संसद भंग करने के निर्णय को देश की लोक तांत्रिक उपलब्धियों को खतरे में डाला है । इसी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड की पार्टी नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) नें संसद भंग करने के फैसले को संविधान के खिलाफ बताया । वहीं हामी नेपाल ने भी अंतरिम सरकार का नेतृत्व स्वीकार करने से मना कर दिया है । किसी भी राजनैतिक पार्टी का नेता सरकार का हिस्सा नही होगा ।
इसी के बीच नेपाल के जनता व युवाओं में एक आशा की किरन जगी है उन्होने कहा कि सुशीला कार्की के प्रधानमंत्री बनने पर भ्रष्टचार कम होगा और भ्रष्टाचारी लोगों को जेल में डाला जायेगा लोगो का कहना है कि यह बहुत बड़ा चैलेन्ज है , हमें उन पर विश्वास है ।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो Gen-Z के एक ग्रुप द्वारा पंसन्द किये जाने वाले और प्रधानमंत्री के रेश में रहने वाले कुलमान घीसिंग जो कि नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथारिटी के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर रहे और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ओम प्रकाश अर्याल को रविवार को मंत्री पद की शपथ दिलायी जा सकती है ।
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https://youtu.be/SyuHAojMdf4?si=o_fd_kLT_2fAjBLe