Search

Smooth Experience

We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

पुखरायां के मानसिला मंदिर सहित क्षेत्र के कई मंदिरों में माता का श्रंगार Picks

मानसिला माता का मंदिर है आर्कषण का केन्द्र

पुखरायां । चैत्र नवरात्र के पहले दिन मालवीय नगर स्थित मानसिला मंदिर का भव्य श्रंगार बना भक्तों के आर्कषण का केन्द्र ।  पुखरायां स्थित मानसिला माता मंदिर की स्थापना 10 मार्च 2003 में हुई थी ।  कुछ दिन पूर्व ही मंदिर की 23वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में परिवारीजनों नें भंडारे का आयोजन किया था । इस मंदिर का निर्माण पुखरायां के ज्योतिषाचार्य दिवंगत महेश्वर प्रसाद मिश्र एवं उनकी पत्नी स्वगीय शांति देवी ने  करवाया था ।  परिवार के लोग हर वर्ष माता के वार्षिकोत्सव में भंडारा एवं महिला रात्रि जागरण का आयोजन करते है । जिसमें बड़ी संख्या में नगर वासियों ने प्रसाद ग्रहण करते है । 

अमरौधा के ज्वाला देवी मंदिर , शिवाला मंदिर में भक्तो का ताता लगा 

 नगर पंचायत अमरौधा के मंदिरों में भक्तों ने माता के दर्शन किये । नगर पंचायत स्थित ज्वाला देवी , कालका मंदिर , शिवाला मंदिर , विरोहा स्थित काली मंदिर , सहित तमाम मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही । नवरात्र के पहले दिन शिवाला मंदिर में भक्तों ने माता की मूर्ति स्थापित की । भक्तों ने जवारे बोये और नगर भ्रमण किया । पुलिस और प्रशासन की टीम शोभायात्रा के दौरान रही मौजूद ।क्षेत्र के तमाम मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी रही । अमरौधा के कालका मंदिर , ज्वाला देवी एवं शिवाला मंदिर में भक्तों ने माता का श्रंगार किया । फूलों से झालरों से मंदिरों को सजाया । गुरूवार को नगर पंचायत अमरौधा के भक्तों ने हर वर्ष की तरह शिवाला मंदिर में माता की मूर्ति स्थापित की  । भक्तों ने जवारे बोये और शोभायात्रा निकाली । डीजे की धुन में भक्ति के गीतों में जमकर नाचे नगरवासी । भक्ति मय माहौल में सभी भक्तों  नें इस नवरात्र सभी के मंगल का आर्शीवाद माता से लिया । शोभायात्रा के दौरान चौकी इंचार्ज अमित पोरवाल , लेखपाल ज्ञानेश कुमार सहित , मनोज , कपिल आदि लोग उपस्थित रहे । 

कथरी स्थित कात्यानी  में भी भक्तों ने टेका माता 

 क्षेत्र के विरोहा स्थिर काली मंदिर के भक्त ईशू ने बताया कि माता का मंदिर अवतार पाल जी ने करवाया था , यहां हर वर्ष माता का श्रंगार किया जाता है । सुबह से ही भक्तों की लाइन लगी रहती है । वहीं कथरी स्थित मां कात्यायनी देवी का मंदिर जनपद में अलग ही स्थान रखता है । यह मंदिर सदियों पुराना है । मान्यता है कि इस मंदिर में फूलन देवी जवारे लेकर आती थी । मंदिर के पुजारी श्री बाबू नें बताया  कि यहां भक्तों की सभी मनोकामनाये पूरी होती है । लोग यहां बच्चों के मुंडन संस्कार भी करवाते है । भक्तो में अमृत यादव , मुन्ना लाल ,संतोष कुमार , सुलभ सिंह , राजेन्द्र , कल्लू आदि ।

 

Related to this topic: