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टीबी मुक्त भारत अभियान जनपद कानपुर देहात Picks

टीबी मुक्त भारत अभियान जनपद कानपुर देहात की टीबी यूनिट पुखराया के अंतर्गत आने वाले संस्कृति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में उपस्थित बी फार्मा के छात्र/ छात्राओं का टीबी मुक्त भारत हेतु संवेदीकरण जिला पीपीएम समन्वयक अनुराग तिवारी एवं टीबी यूनिट पुखराया के टीबी एच वी कृष्ण चन्द्रम झा के द्वारा किया गया जिसमें जिला क्षय रोग केंद्र पीपीएम समन्वयक अनुराग तिवारी ने बताया कि जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ केंद्रों पर टीबी की निशुल्क जांच की व्यवस्था उपलब्ध है यदि किसी को 2 सप्ताह से अधिक खासी आ रही बुखार आ रहा हो  वजन कम हो रहा हो भूख न लग रही हो रात में पसीना आता हो  या फिर बलगम में खून आता है  सीने में दर्द हो सास लेने में तकलीफ हो गर्दन में गिल्ठी या गांठे है यदि उपरोक्त लक्षण किसी भी व्यक्ति में पाए जाते है तो  वह सरकारी केंद्र पर जाकर टीबी की निशुल्क जांच करा सकता है साथ ही जनपद में  रेसिस्टेंट टीबी के परीक्षण हेतु सीबी नाट मशीन जनपद के जिला चिकित्सालय अकबरपुर एवं ट्रू नाट मशीन सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पुखरायां, रसूलाबाद देवीपुर सिकंदरा झीझक व जिला क्षय रोग केंद्र अकबरपुर में निःशुल्क जांच हेतु उपलब्ध है ।

जांच उपरांत यदि किसी मरीज में टीबी की बीमारी की पुष्टि होती है तो उस मरीज का ईलाज पुष्टि उपरांत उसी दिन प्रारंभ कर दिया जाता है साथ ही यदि मरीज अपने घर के निकट दवा खाना चाहता है तो उसे कार्यकम में कार्यरत आशा के माध्यम से भी दवा उपलब्ध कराई जाती है टीबी का संपूर्ण उपचार 6 माह का होता है मरीज का उपचार प्रारंभ होने पर मरीज के बैंक खाता एवं आधार का विवरण लेते हुए टीबी के प्रत्येक मरीज को प्रतिमाह 1000 रुपए निश्चय पोषण योजना के माध्यम से उसकी संपूर्ण उपचार अवधि तक उसके खाते में उपलब्ध कराए जाते है ।

उक्त कार्यशाला में टीबी यूनिट पुखरायां में कार्यरत टीबी एच वी कृष्ण चन्द्रम झा के द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के अंतर्गत मरीज की सहमति के आधार पर मरीज को निश्चय मित्र के माध्यम से गोद लेकर निश्चय मित्र द्वारा पोषण पोटली भी उपलब्ध कराई जाती है जिससे कि वह उपचार के दौरान उचित पोषण ले सके निश्चय मित्र बनने के लिए सभी से अपील करते हुए बताया गया कि कोई भी व्यक्ति जो टीबी रोगियों को सहायता प्रदान करने का इच्छुक हो वह निक्षय पोर्टल के माध्यम से निक्षय मित्र बन टीबी रोगियों को सहायता प्रदान कर सकता है ।

उक्त कार्यशाला में संस्कृति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डायरेक्टर डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह के द्वारा उपस्थित छात्र/छात्राओं से यह अपील की गई कि सभी अपने अपने क्षेत्रों में संभावित टीबी मरीजों को चिह्नीकृत करते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पुखरायां पर जांच के लिए संदर्भित करे जिससे कि जनपद को टीबी मुक्त बनाया जा सके ।

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