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डायट पुखरायां में पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण के चतुर्थ दिवस का सफल आयोजन Picks

 

आज दिनांक 11 सितम्बर 2025 को  जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), पुखरायां, कानपुर देहात में प्राथमिक शिक्षकों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय एकीकृत सम्पूर्ण मॉड्यूल प्रशिक्षण के चौथे दिन का सफल आयोजन किया गया । प्रशिक्षण सत्र में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, डिजिटल माध्यमों, स्टीम (STEM) पद्धति, नवाचारों तथा खेल-आधारित शिक्षण की रोचक एवं प्रभावी विधियों से अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा निपुण भारत मिशन 2023 के आलोक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण हेतु उपयोगी रणनीतियाँ साझा कीं। इस अवसर पर भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, खेल-कूद, कला एवं स्वास्थ्य शिक्षा जैसे विषयों पर केन्द्रित सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें समूह चर्चा, गतिविधि-आधारित शिक्षण तथा खेल-आधारित पद्धतियों के माध्यम से शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में प्रभावी शिक्षण का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर डायट प्राचार्य श्री राजेश वर्मा ने कहा कि यदि शिक्षक विद्यार्थियों की प्रगति का निरंतर आकलन करते हुए उन्हें समयबद्ध सहयोग प्रदान करें, तो विद्यालयों का शैक्षिक स्तर और भी अधिक ऊँचाई प्राप्त कर सकता है। उन्होंने शिक्षकों से नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की अपील की।

वरिष्ठ प्रवक्ता श्री पंकज यादव ने शिक्षकों को शिक्षा में ICT (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) के उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल उपकरणों के माध्यम से शिक्षण को और अधिक रुचिकर तथा प्रभावशाली बनाने की विधियाँ बताईं।

 

 

प्रशिक्षण प्रभारी श्री विपिन कुमार शांत एवं श्री मोहम्मद इमरान के संयोजन में आयोजित इस प्रशिक्षण में श्री अरुण कुमार, श्री संतोष सरोज, डॉ. प्राची शर्मा, डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी, श्रीमती अंजना यादव, डॉ. अनिल जैन एवं डॉ. अनुराधा पाल सहित सभी विशेषज्ञ संदर्भदाताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

शिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएं उन्हें न केवल व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाती हैं, बल्कि विद्यार्थियों की आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध होती हैं।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने शिक्षकों को नवाचार, तकनीक एवं child-centric pedagogy के माध्यम से शिक्षण को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में प्रेरित किया है, जो निश्चित रूप से भविष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।

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